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मौलिक कर्तव्य

मौलिक कर्तव्य

विषय- राजव्यवस्था

स्रोत- द हिंदू

संदर्भ

  • सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को “व्यापक, और अच्छी तरह से परिभाषित कानूनों” के माध्यम से देशभक्ति और राष्ट्र की एकता सहित नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को लागू करने की मांग वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र के दो महीने के समय के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है ।

मौलिक कर्तव्यों के बारे में

  • मौलिक कर्तव्यों का विचार रूस के संविधान से लिया गया है ।
  • मौलिक कर्तव्यों को स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के भाग IV-A में शामिल किया गया था।
  • मूल रूप से यह संख्या में 10 हैं लेकिन 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से एक और कर्तव्य जोड़ा गया था। सभी ग्यारह कर्तव्य संविधान के अनुच्छेद 51-ए (भाग- IV-ए में एकमात्र अनुच्छेद) में सूचीबद्ध हैं।
  • मौलिक कर्तव्य नागरिकों को याद दिलाते हैं कि अपने अधिकारों का आनंद लेते हुए, उन्हें अपने देश, अपने समाज और अपने साथी-नागरिकों के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति भी सचेत रहना होगा।
  • हालांकि, नीति निदेशक सिद्धांतों की तरह मौलिक कर्तव्य भी प्रकृति में गैर-न्यायिक हैं।

मौलिक कर्तव्यों की सूची

  1. संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों और संस्थानों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना;
  2. स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रीय संघर्ष को प्रेरित करने वाले महान आदर्शों को संजोना और उनका पालन करना;
  3. राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना और उसका आदर एवं गौरवपूर्ण सम्मान करना।
  4. राष्ट्र की विचारधारा और राष्ट्र के आदर्श मूल्यों की रक्षा करना।
  5. भारतीय संस्कृति का संरक्षण कर उसे बढ़ावा देना।
  6. प्रत्येक नागरिकों को एकसमान आदर एवं सम्मान देना एवं उसको प्राप्त अधिकारों का सम्मान करना।
  7. प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करना और उसकी वृद्धि हेतु अनेको प्रयत्न करना।
  8. वैज्ञानिक मानदंडों को अपनाना और राष्ट्र के विकास हेतु नवीन ज्ञान के क्षेत्र में वृद्धि करना।
  9. भारतीय सार्वजनिक संपत्ति की प्रत्येक परिस्थिति में रक्षा करना उसे हानि न पहचाना।
  10. राष्ट्र के विकास हेतु सामाजिक कार्यो में अपना योगदान देना।
  11. यह प्रत्येक माता-पिता का उत्तरदायित्व होगा कि वह अपने बच्चो को प्राथमिक निःशुल्क शिक्षा (6 से 14 वर्ष) प्रदान करवाए (86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया)।

 


 

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