• Post author:
  • Reading time:1 mins read

केरल ने भारत के पहले मंकीपॉक्स मामले की रिपोर्ट दी

केरल ने भारत के पहले मंकीपॉक्स मामले की रिपोर्ट दी

विषय- विज्ञान और प्रौद्योगिकी

स्रोत- द हिंदू

संदर्भ

  • भारत में मंकीपॉक्स के पहले मामले की पुष्टि हो गई है। 35 वर्षीय व्यक्ति संयुक्त अरब अमीरत (UAE) से केरल के कोल्लम पहुंचा था।

मंकीपॉक्स के बारे में

  • यह एक वायरल ज़ूनोटिक रोग (Zoonotic Disease- जानवरों से मनुष्यों में संचरण होने वाला रोग) है और बंदरों में चेचक जैसी बीमारी के रूप में पहचाना जाता है, इसलिये इसे मंकीपॉक्स नाम दिया गया है।
  • यह नाइजीरिया की स्थानिक बीमारी है।
  • यह रोग मंकीपॉक्स वायरस के कारण होता है, जो पॉक्सविरिडे फैमिली (Poxviridae Family) में ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस (Orthopoxvirus Genus) का सदस्य है।
  • वायरस की मूल वजह अपरिभाषित है। लेकिन कई जानवरों में यह बीमारी बताई गई है।
  • मंकीपॉक्स वायरस के स्रोत के रूप में पहचाने जाने वाले जानवरों में बंदर और वानर, विभिन्न प्रकार के कृतंक (चूहों, गिलहरियों तथा प्रैरी कुत्तों सहित) एवं खरगोश शामिल हैं।

रोग की घटना

  • संक्रमण का पहली बार पता 1958 में चला था।
  • पहला मानव मामला 1970 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में दर्ज किया गया था।

लक्षण

  • संक्रमित लोगों में चिकन पॉक्स जैसा दिखने वाले दाने निकल आते हैं। लेकिन मंकीपॉक्स से होने वाला बुखार, अस्वस्थता और सिरदर्द आमतौर पर चिकन पॉक्स के संक्रमण की तुलना में अधिक गंभीर होते हैं।
  • रोग के प्रारंभिक चरण में, मंकीपॉक्स को चेचक से अलग किया जा सकता है क्योंकि लिम्फ ग्रंथि बढ़ जाती है।

हस्तांतरण

  • प्राथमिक संक्रमण एक संक्रमित जानवर के रक्त, शारीरिक तरल पदार्थ, या त्वचीय या श्लैष्मिक घावों के सीधे संपर्क के माध्यम से होता है।
  • संक्रमित जानवरों का अपर्याप्त पका हुआ मांस खाना भी एक जोखिम कारक है।
  • मानव-से-मानव संचरण का कारण संक्रमित श्वसन पथ स्राव, संक्रमित व्यक्ति की त्वचा के घावों से या रोगी या घाव से स्रावित तरल पदार्थ द्वारा तथा दूषित वस्तुओं के निकट संपर्क के कारण हो सकता है।
  • संचरण, टीकाकरण या प्लेसेंटा (जन्मजात मंकीपॉक्स) के माध्यम से भी हो सकता है।

मृत्य-दर

  • यह तेजी से फैलता है और संक्रमित होने पर दस में से एक मौत का कारण बन सकता है।

निवारण

  • मंकीपॉक्स का अभी तक कोई सुरक्षित, प्रमाणित इलाज नहीं है।
  • डब्ल्यूएचओ लक्षणों के आधार पर सहायक उपचार की सिफारिश करता है।
  • संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जागरूकता जरूरी है।

उपचार और टीका

  • मंकीपॉक्स संक्रमण के लिए कोई विशिष्ट उपचार या टीका उपलब्ध नहीं है। अतीत में, मंकीपॉक्स को रोकने में चेचक रोधी टीके को 85% प्रभावी दिखाया गया था।
  • लेकिन 1980 में दुनिया को चेचक से मुक्त घोषित कर दिया गया था, इसलिए टीका अब व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है।

 


 

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply